दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए हाई-प्रोटीन और बायपास फैट (Bypass Fat) आधारित पशु आहार की मांग बढ़ी

महाराष्ट्र के व्यावसायिक डेयरी किसान अब पारंपरिक पशु आहार के बजाय ‘बायपास प्रोटीन‘ और ‘बायपास फैट‘ युक्त उन्नत पशु आहार को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। यह विशेष आहार दूध में फैट की मात्रा और कुल दूध उत्पादन क्षमता (Milk Yield) बढ़ाने में सीधे सहायक होने के कारण, ब्रांडेड कंपनियां इस श्रेणी के उत्पादों का विस्तार कर रही हैं।
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तकनीकी बदलाव: व्यावसायिक डेयरी किसान अब पारंपरिक पशु आहार से उन्नत ‘बायपास‘ पोषण तकनीक की ओर बढ़ रहे हैं। इसमें प्रोटीन और वसा (Fat) को इस प्रकार संसाधित किया जाता है कि वे पशुओं के पाचन तंत्र में तुरंत पचने के बजाय आगे जाकर सीधे दूध उत्पादन के लिए अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग होते हैं।
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उत्पादन क्षमता (Milk Yield): इस विशेष आहार के उपयोग से पशुओं की दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा दूध में फैट की मात्रा सुधारने में प्रत्यक्ष लाभ देखा गया है।
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बाजार का रुझान: डेयरी फार्मों से बढ़ती मांग को देखते हुए पशु आहार क्षेत्र की ब्रांडेड कंपनियों ने अपने उत्पाद पोर्टफोलियो में इस श्रेणी के उत्पादों का विस्तार किया है।
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व्यावसायिक पसंद: बढ़ती उत्पादकता और दूध की गुणवत्ता में सुधार के कारण, व्यावसायिक डेयरी किसानों के लिए यह आहार केवल एक खर्च नहीं, बल्कि एक निवेश (Investment) बन गया है, जो उनकी लाभप्रदता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
Source : https://www.nddb.coop/
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