‘नॉन-जीएमओ’ (Non-GMO) सोयाबीन पेंड (Soymeal) के निर्यात की वैश्विक बाजार में मांग

भारत बिगर-अनुवंशिक रूप से संशोधित (Non-GMO) सोयाबीन का एक बड़ा उत्पादक है, इसलिए यूरोप, अमेरिका और एशियाई देशों से भारतीय सोयाबीन पेंड (DOC) की बड़ी मांग है। सोयाबीन तेल निकालने के बाद प्राप्त होने वाले इस बाय-प्रॉडक्ट के निर्यात से ऑयल मैन्युफैक्चरर्स के लाभ मार्जिन में अच्छी बढ़ोतरी हो रही है।
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बिगर-अनुवंशिक रूप से संशोधित (Non-GMO) सोयाबीन का प्रभुत्व: भारत Non-GMO सोयाबीन का एक बड़ा उत्पादक देश है, इसलिए यूरोप, अमेरिका और विभिन्न एशियाई देशों से भारतीय सोयाबीन पेंड (DOC) की अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग है।
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ऑयल मैन्युफैक्चरर्स के मुनाफे में वृद्धि: सोयाबीन से तेल निकालने के बाद बचने वाले इस महत्वपूर्ण बाय-प्रॉडक्ट (By-product) के निर्यात से तेल उत्पादकों (Oil Manufacturers) के लाभ मार्जिन (Profit Margin) में अच्छी बढ़ोतरी हो रही है।
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अंतरराष्ट्रीय खाद्य व पशु-आहार बाजार में पकड़: उच्च प्रोटीन और GMO-Free होने के कारण इस पेंड का उपयोग उच्च गुणवत्ता वाले पशु-आहार और खाद्य उत्पाद तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है।
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व्यावसायिक: सोयाबीन प्रसंस्करण और एक्सपोर्ट उद्योग में काम करने वाली कंपनियां ग्लोबल मार्केट में इस बढ़ती मांग को पहचानकर अपने व्यवसाय और निर्यात क्षमता का विस्तार कर रही हैं।
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